माना कि बुझे हुये चिरागों में, रौशनी नहीं होती,
माना कि ख्वाब की जिंदगी, असली नहीं होती।
मगर सच है कि अहसास दिलाती है कुछ होने का,
निराश व्यक्ति के लिए, मंजिल आसां नहीं होती।
हम बुत को भी भगवान बना देते हैं,
पत्थर में आस्था के फूल खिला देते हैं।
दिलों से खेलने वाले, क्या जाने वफ़ा का मतलब,
बेवफा के सीने में भी, वफ़ा का विश्वास जगा देते हैं।
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