पूजत चरण माँ शारदे पंचम तिथि है बसन्त
सर्वज्ञान विस्तारित हो जितना गगन अनन्त।
प्रकटोत्सव पर सरस्वती हर्षित देव भगवान
नतमस्तक हो स्तुति करें ओढ पीत परिधान।
ओढ पीत परिधान भोग में बेसन का हलवा
धन यश विद्या ख़ूब मिले मैय्या का जलवा।
वीर हक़ीक़त राय का को करो नमन श्रीमान
धरम सनातन मान हेतु कीये प्राण बलिदान।
झूठे बेर आज श्रीराम ने चखे थे सबरी द्वार
दीपक इतना पवित्र है बसंत पंचमी त्यौहार।
@ दीपक शर्मा
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