Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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हम एक हैं

 
हम एक हैं ये आईये दुनिया को  दिखाइये
घर घर में ग़ुरूरो -शान से तिरंगा फहराइये।

पुरज़ोर आवाज़ में अदब से राष्ट्रगान गाईये
जय हो भारत माता की  जयकारा लगाइये।

अमृतोत्सव आज़ादी का है मन से मनाईये
वीरों की वीरगाथाएँ  आप  भईया सुनाईये।

आहुति कैसे ख़ुद की शहीदों ने दी हँस कर
बिस्मिल की ग़ज़ल गर्व से थोड़ा गुनगुनाइए।

मज़हब से पहले देश मेरा भारत मुझे प्यारा
मौका भी है,  दस्तूर भी है  चच्चा दिखाइये।

सौभाग्य हो मेरा भी  लिपट आऊँ तिरंगे में
'दीपक' को अवसर राम मेरे ऐसा दिलाइये।

* डॉ दीपक शर्मा *

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