Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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मुट्ठी भर राख

 
मुट्ठी भर राख
वो मिले कहीं किसी मजलिस मे 
किसी कोने मे ले जाकर 
कान में फुसफुसा  देना 
मार्शल पॉवर, मस्सल और
ना दिखाया करो मनी पॉवर 
क्यों दिखाना चाहते हो?
जानते नहीं हो अपनी अपनी दुनिया  के 
एडोल्फ हिटलर, बुनिटो मुसोलिनी, जोसेफ़ स्टालिन 
माओ जेदोंग या माओ माओ तस तुंग 
मुअम्मर गद्दाफी, इदी अमीन, सद्दाम हुसैन,
होसनी मुबारक, किम जोंग 
कई और तानाशाह हैं,
इतिहास के पन्नो में दफन हैं 
नाम गुनगुना देना तनिक सा 
आखिर में क्या हुए वे ?
तुम क्या? तुम्हारी औकात क्या होगी?
मुट्ठी भर राख 
और क्या?
इससे अधिक की उम्मीद है बावरे 
नहीं रे बावरे......नहीं 
कितनी भी दिखा दे पॉवर 
तेरे पाँवर के  चटकने की आवाज़ तक 
सुनाई ना देगी जहां को l
तुम पॉवर का शोर क्यों मचा रहा?
तुम्हारी पॉवर क्या है ?
क्या मस्सल? क्या मार्शल? क्या मनी ?
कुछ भी नहीं रे बावरे ?
एडोल्फ हिटलर, बुनिटो मुसोलिनी, जोसेफ़ स्टालिन 
माओ जेदोंग या माओ माओ तस तुंग 
मुअम्मर गद्दाफी, इदी अमीन, सद्दाम हुसैन,
होसनी मुबारक, किम जोंग के सामने 
क्या है तुम्हारी औकात ?
अगर सब कुछ ठीक रहा तो 
मुट्ठी भर राख ?
मार्शल पॉवर, मस्सल और मनी पॉवर का शोर मचाने वाला 
मिल जाए किसी मजलिस या महफ़िल में वो 
उलट देना पन्ना पुराना 
दिखा देना इतिहास 
मालूम पड़ जाएगी 
मार्शल पॉवर, मस्सल और मनी पॉवर की औकात 
मुट्ठी भर राख l
नन्दलाल भारती 
18/12/2024

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