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बुजुर्ग जीवन

 

बुजुर्ग जीवन

(बेस्ट ऑफ -2020 दस वरिष्ठजनों पर आधारित )


बुजुर्ग जीवन और उनके हौशले को सलाम करते हैं 

मधुबनी पारम्परिक कला को संरक्षित करने वाली 

93 वर्षीय गोदावरी दत्ता को प्रणाम करते हैं,

बढ़ती उम्र का खौफ न कोई 

2019 में पद्मश्री से सम्मानित हुई l

आगे बढ़ते हैं महाराष्ट्र के सतारा के 

बंजर इलाके फलटण की ओर 

हो जायेगा मन गदगद देखकर हरियाली 

बाइस हजार पेड़ो का जंगल खुद ने उगाया 

बस इतना ही नहीं उगता है यहां 

अनाज, फल सब्जियाँ था जहां बंजर 

कमाल कर दिखाए धरती के ये लाल 

91 वर्षीय बाबूलाल गाँधी को सलाम 

जन-जीवन खुशहाल,नेकी का काम l

हरभजन कौर उम्र 94वर्ष जज्बे  से बनी 

जिनकी  दुनिया में पहचान 

गुड़ का हलवा, अचार,मौसमी उत्पाद

अनुभव इनका सुनहरी  किताब 

90 वर्ष उम्र मे उद्यमी का ख़िताब l

पदमा नायर उम्र सौ साल, पेंटिग, मलयाली रैप 

खूब पसंद आता जिनको 

हर दिन तीन घंटे काम करने का लक्ष्य जिनका 

साठ बरस मे शौक को व्यवसाय बनाया 

बढ़ती उम्र क़ो यादगार बनाया l

थेक्कमपट्टी कोयम्बटूर वाली 

105 वर्षीय पप्पमल उर्फ़ रंगमाला के हौशले को तो देखो 

दो विश्वयुद्ध, भारत की स्वतंत्रता, प्राकृतिक आपदाओं और 

कोविड  का जानो इनसे आँखों देखा हाल

तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय में दाखिला 

छात्र की हैसियत से सवाल पूछने का कमाल 

पहचान बनाने वाली पप्पमल ख़ुशी-खुशी कहती 

बढ़ती उम्र कभी बाधा नहीं बनती l

दीपक बुच बहत्तर वर्ष और मंजरी बुच पैसठ 

दम्पति उत्साही, अहमदाबाद निवासी 

दादा-दादी विद्या परब संस्था ये चलाते 

हजारों छात्र जहां  शिक्षा पाते l 

कामाक्षी सुब्रमण्यम 92 वर्षीय 

चेन्नई, बेसेंट नगर, खाली जमीन घर के सामने 

गंदगी, कूड़ाकरकट के ढेर कैसा रहा होगा मंजर 

समंदर का किनारा शानदार जगह 

नरक में तब्दील सड़क और खाली जगह 

खुद अपने बलबूते गलत को सही करने की ठानी 

आलीशान पार्क के रुप ये जगह जाती अब पहचानी l

तीरसठ बरस की रेनू गुप्ता दिल्ली निवासी का 

जज्बा भी खूब है कमाल 

खाली जगह, गंदगी से भरी जगहों को 

हरियाली में बदलती ये 

अपनी आँखों से बदलाव देखने को अच्छा कहती 

नानक साहिब गुरुदवारे के सामने 

कचरी से भरी जगह को ग्रीन बेल्ट में बदल दिखाया 

उम्र के डर को इन्होने हराया 

कहती बुढ़ापा कमजोरी नहीं लगती 

करने को, बहुत कुछ है कहती l

नंदाप्रुस्टी एक सौ दो बरस की उम्र 

भुवनेश्वर वाले की क्या निर्मल जिंदगानी 

ज्ञान के ज्योतिरपुंज पक्के ज्ञानी 

भुवनेश्वर से सत्तर किलोमीटर दूर अपने गांव 

मुफ्त में शिक्षा दे रहे 

एक ही परिवार की तीन-तीन पढ़ा चुके 

ज्ञान बाँटना किसी की मदद करने जैसा कहते 

बिना थके बिना हारे चलो हम भी कुछ नया करते हैं 

बुजुर्ग जीवन और उनके हौशले को सलाम करते हैं l

नन्दलाल भारती

01/02/2025

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