विद्या- जीवन का सार
जो विद्या को ना पढ़े, सो पीछे पछताए,
बिगड़े पर गदहा बने, लाद लाद मरि जाए।
विद्या ही शक्ति है, विद्या ही बल है,
विद्या के बिना जीवन, अधूरा और खाली है।
जो विद्या को प्राप्त करता है, वही आगे बढ़ता है,
विद्या के बिना जीवन, एक अंधकारमय रास्ता है।
विद्या ही ज्ञान का स्रोत है, विद्या ही समझ का आधार है,
विद्या के बिना जीवन, एक अज्ञानता का अंधकार है।
जो विद्या को प्राप्त करता है, वही समाज को आगे बढ़ाता है,
विद्या के बिना समाज, एक पिछड़ेपन का शिकार है।
विद्या ही प्रगति का मार्ग है, विद्या ही सफलता का सूत्र है,
विद्या के बिना जीवन, एक असफलता का पर्याय है।
जो विद्या को प्राप्त करता है, वही अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है,
विद्या के बिना जीवन, एक लक्ष्यहीन यात्रा है।
विद्या ही जीवन का आधार है, विद्या ही जीवन का सार है,
विद्या के बिना जीवन, एक अधूरा और खालीपन है।
जो विद्या को प्राप्त करता है, वही अपने जीवन को सार्थक बनाता है,
विद्या के बिना जीवन, एक निरर्थक और व्यर्थ जीवन है।।
जो विद्या को ना पढ़े, सो पीछे पछताए,
बिगड़े पर गदहा बने, लाद लाद मरि जाए।
विद्या ही शक्ति है, विद्या ही बल है,
विद्या के बिना जीवन, अधूरा और खाली है।
जो विद्या को प्राप्त करता है, वही आगे बढ़ता है,
विद्या के बिना जीवन, एक अंधकारमय रास्ता है।
विद्या ही ज्ञान का स्रोत है, विद्या ही समझ का आधार है,
विद्या के बिना जीवन, एक अज्ञानता का अंधकार है।
जो विद्या को प्राप्त करता है, वही समाज को आगे बढ़ाता है,
विद्या के बिना समाज, एक पिछड़ेपन का शिकार है।
विद्या ही प्रगति का मार्ग है, विद्या ही सफलता का सूत्र है,
विद्या के बिना जीवन, एक असफलता का पर्याय है।
जो विद्या को प्राप्त करता है, वही अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है,
विद्या के बिना जीवन, एक लक्ष्यहीन यात्रा है।
विद्या ही जीवन का आधार है, विद्या ही जीवन का सार है,
विद्या के बिना जीवन, एक अधूरा और खालीपन है।
जो विद्या को प्राप्त करता है, वही अपने जीवन को सार्थक बनाता है,
विद्या के बिना जीवन, एक निरर्थक और व्यर्थ जीवन है।
विद्या की शक्ति को पहचानो, विद्या की महत्ता को समझो,
विद्या के बिना जीवन, एक अंधकारमय जीवन है।
विद्या प्राप्त करो, विद्या को महत्व दो,
विद्या के साथ जीवन, एक सार्थक और सफल जीवन है।।
- सुख मंगल सिंह
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