Swargvibha
Dr. Srimati Tara Singh
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समय जरूर आयेगा

 

आयेगा, वह समय जरूर आयेगा
... जब मैं नहीं रहूँगा
और तुम भी नहीं रहोगे

तो क्या यह दुनिया नहीं चलेगी?
जरूर चलेगी,
जब तक इसे चलनी है
इसके विनष्ट होने तक!

पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती रहेगी अनवरत
अहंकार में डूबे, प्रत्यंचा में तने लोगों के बीच भी
नि: शंक
अपने भीतर उन्हें दफ्न करते हुए
सबकी अकुंठ गाथाएं अपने भीतर समेटे
अपनी आयु के आखिरी छोर तक •
 

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